Posted by admin on Mar 15th, 2022 | Comments Off on महिलाओं के उत्थान के लिए कार्यक्रम करती हैं डॉ दलजीत कौर
आईएडब्ल्यूए (IAWA) एनजीओ ने 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 के दौरान यूट्यूब पर सबसे लंबे कॉन्क्लेव के साथ एक विश्व रिकॉर्ड बनाकर मनाया, जहां 20 देशों की 200 महिलाओं ने इस ऑनलाइन कॉन्क्लेव में भाग लिया।
डॉ दलजीत कौर कार्यक्रम की क्यूरेटर और मेजबान जो एक अभिनेत्री, एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वह एनजीओ आईएडब्ल्यूए की कार्यकर्ता और अध्यक्ष हैं जो देश के विभिन्न हिस्सों में साल भर सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। वर्तमान में उनके पास 10,000 महिलाओं का एक समूह है जो उनके साथ काम करती हैं। विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं को समाज में उनके योगदान और अपने सोशल मीडिया के माध्यम से स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए सम्मानित किया जाता है। जैसा कि आज दुनिया भर की महिलाएं स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से पीड़ित हैं और समय पर निदान नहीं हो पा रही है। एनजीओ आईएडब्ल्यूए इस वैश्विक समस्या पर सात साल से काम कर रहा है।
उनके कार्यक्रम में प्रख्यात डॉक्टर लक्षणों को साझा करते हैं कि इस बीमारी से रोकथाम इलाज से बेहतर है। कैंसर योद्धा जो इस दर्द से गुजरे हैं, उन्होंने अपने अनुभव के बारे में भी बताया कि जीवन के इस चरण के दौरान वे कैसे और किस दौर से गुजरे हैं।
वुमेन हुड समाज के लिए ईश्वर की ओर से सबसे धन्य उपहार है। आज की महिलाएं समाज में बहुत उच्च स्तर तक पहुंच गई हैं। लेकिन फिर भी उन्हें पहचान की कमी है। समाज अभी भी किसी भी कंपनी या देश का नेतृत्व करने के लिए एक महिला पर भरोसा नहीं कर सकता है।
वह ईश्वर का सबसे जिम्मेदार उपहार है। वह जीवन देती है, बेटी, बहन, मां, पत्नी के रूप में पैदा होने के समय से बलिदान का प्रतीक। एक भावना के साथ अपने घर, परिवार के बच्चों और उसके सपनों को दृढ़ संकल्प और संघर्ष के साथ सँवारती है। वह सुनिश्चित करती है कि उसके परिवार में हर किसी को उसकी जरूरत की हर चीज मिले।
इंटरनेशनल वुमेन्स डे पर पूरे दिन IAWA एनजीओ ने देश के विभिन्न हिस्सों के गायकों और नर्तकियों के साथ वुमेन हुड का जश्न मनाया।
इस कार्यक्रम की शाम के मुख्य अतिथि अनूप जलोटा, विशिष्ट अतिथि न्यू यॉर्क से महामहिम मधुकृष्ण, विशेष अतिथि जम्मू से डॉ भूपिंदर, हवाई से आर्मी हार्पर थे। इन्होंने अपने बेटे के साथ कैंसर की लड़ाई में संघर्ष किये हैं।
ऑस्ट्रेलिया से वनिता, जापान से असाही, मॉरीशस, मलेशिया, लंदन, दुबई, बहरीन, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका और भारत के लगभग सभी राज्यों ने इस कॉनक्लेव में भाग लिया।
सतिंदर मल्होत्रा, जया दास, डॉ सानीपीना जयलक्ष्मी राव, ममता तिवारी, रश्मि राय, मनीषा महकलकर, डॉ रितेश सुनहरे, स्तुति सक्सेना सिंह, कुसुमिता, चरण्या गुरुसत्य, चिंतन चौधरी आदि की उपस्थिति रही।




IAWA एनजीओ महिला सशक्तिकरण के लिए काम करता है। यह उनके कौशल विकास के लिए कार्यक्रम, शिक्षा प्रदान करना और समाज के विभिन्न मुद्दों पर जागरूकता पैदा करता है।
Posted by admin on Mar 14th, 2022 | Comments Off on Paintings And Sculptures by Artists from Gujrat and Invited Artists of Maharashtra in Jehangir
From 14th to 20th March, 2022
“Confluence of Creative Contemporaries”
An Exhibition of Paintings & Sculptures
by
Artists from Gujrat and Invited artists of Maharashtra
Participating artists in the show are: – Vrindavan Solanki, Gagji Manpara, Umesh Kyada, Milan Desai, Ajit Chaudhary, Natu Tandel, Navneet Rathod, Kailash Desai, Sajjad Kapasi, Ajit Bhanderi, Rajesh Muliya & Hardev Jethwa alongwith Guest artists – Ravi Paranjape Pune, Babubhai Mistry – Mumbai, Prakash Bal Joshi – Mumbai and Amrut Patel – New Delhi.
VENUE:
Jehangir Art Gallery
161-B, M.G. Road
Kala Ghoda, Mumbai 400 001
Timing: 11am to 7pm
Contact:9819139559
Confluence of Creative Contemporaries – समन्वय
A group of 16 contemporary artists from Gujarat and Maharashtra will showcase their latest paintings and sculptures in Hirji Jehangir art gallery, M.G. Road, Kala Ghoda, Mumbai 400 001 from 14th to 20th March, 2022 between 11 am to 7 pm. They have endeavoured to display their conceptual artworks in the form of paintings and sculptures in various mediums and techniques so as to highlight the confluence of the creative skills and cultural as well as social vignettes of different regions of the country. The show will be ceremoniously inaugurated on 14th March 2022 at the venue at the hands of Ms. Urmilaben Kanoria – Founder Chairperson, Kanoria Centre of arts, Ahmedabad, Mr. Vishwanath Sable – Dean Sir J.J. School of Arts Mumbai and Mr. Narendra Vichare, – Director, Shri. Vasantdada Patil College Mumbai in presence of many art lovers, collectors etc. Various participating artists in the show are – Vrindavan Solanki, Gagji Manpara, Umesh Kyada, Milan Desai, Ajit Chaudhary, Natu Tandel, Navneet Rathod, Kailash Desai, Sajjad Kapasi, Ajit Bhanderi, Rajesh Muliya & Hardev Jethwa alongwith Guest artists – Ravi Paranjape Pune, Babubhai Mistry – Mumbai, Prakash Bal Joshi – Mumbai and Amrut Patel – New Delhi.
Based on the Ethnic and Modern, created in Magicaly realistic to Abstract, conceptual to purely formative paintings and sculptures are showcased by the participating artists through their artworks in different techniques and mediums. The most prominent amongst them include the paintiings are the ones with the message of innocence, joy and enthusiasm as well as contentment and curiosity in human mind synonymous to a child in him by Hardev Jethva, Umesh Kyada, realms of life in the works with message of environment preservation and of growing and saving of trees and treasures of nature in the works Kailas Desai,Navneet Rathod, life journey and cycle of joy & happiness in the sculptures of Rajesh Muliya, Mystical expressions of Gagji Monpara in Sculptures, Poetic creations of Milan Desai, Magical, Lyrical and expressive lines depicting the ethnic life of Gujarat by world acclaimed artistVrindavan Solanki, Warli culture and its social vignettes in the works of Ajit Chaudhari, mysteries of simple forms and semi flat planes to highlight the life cycle and its cultural vignettes in the works of Babubhai Mistry, Sajjad Kapasi and Ajitbhai Banderi , subdued hues of mysterious spiritual connection with rivers in the works of Prakash Bal Joshi, Cultural treasures & heritage in the works in absolute easthetic realms of world acclaimed master Ravi Paranjape and many more.



Paintings And Sculptures by Artists from Gujrat and Invited artists of Maharashtra in Jehangir
Posted by admin on Mar 11th, 2022 | Comments Off on Ashfaque Khopekar Writer- Director Of Many Feature And Short Films
मायानगरी केवल अभिनेताओं की नहीं अपितु रुपहले पर्दे के पीछे की भी दुनिया है जिसे लोग नज़रअंदाज़ कर देते हैं। लेकिन पर्दे के पीछे के इन्हीं लोगों की बदौलत रुपहला पर्दा चमकता है। इस पर्दे के पीछे निर्देशक, निर्माता, मेकअप आर्टिस्ट, जूनियर आर्टिस्ट, डांसर, लाइट मैन, टेक्नीशियन, स्पॉटबॉय, मजदूर और ना जाने कितने लोग शामिल रहते हैं। इन पर्दे के पीछे के नगीनों का चयन कर दादासाहब फाल्के फाउंडेशन अवार्ड उनकी योग्यता को परख कर सम्मानित करता है। ऐसे ही हीरों को हौसला दिलाने वाले नवीन राह दिलाने वाले हैं अशफाक कोपेकर।
अशफाक कोपेकर दादासाहब फाल्के फ़िल्म फाउंडेशन के अध्यक्ष हैं। वर्तमान में वह स्क्रीन राइटर ऑफ इंडिया असोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। साथ ही इंडियन फ़िल्म डायरेक्टर असोसिएशन के साथ भी जुड़े है। इसके अलावा अशफाक कोपेकर विभिन्न असोसिएशन के साथ जुड़े हुए हैं। जहाँ वे फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए लोगों के साथ विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की भी सहायता करते हैं और उन्हें उचित प्लेटफार्म भी मुहैया कराते हैं।
उनका मुख्य कार्य लेखन और निर्देशन है। इतने वर्षों से फ़िल्म उद्योग से जुड़ कर वह अनोकोनेक कार्य करते जा रहे हैं।
फ़िल्म उद्योग से जुड़ी कुछ बातों को लेकर अशफाक कोपेकर से हुई बातचीत के कुछ महत्वपूर्ण अंश…
प्रश्न – आप कब से फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े हैं?
उत्तर – उन्नीस सौ तिरानवे से मैं फ़िल्म उद्योग से जुड़ा हुआ हूँ। जिसमें फ़िल्म उद्योग के रुपहले पर्दे और उसके पीछे जुड़े विभिन्न कामों को करता आ रहा हूँ। जैसे फिल्मों का निर्देशन, लेखन आदि कार्य।
प्रश्न – आपकी पहली शुरुआत कैसी रही और आपने क्या कार्य किया?
उत्तर – मुख्यतः मेरा मूल कार्य लेखन और निर्देशन है। मेरी पहली धरावाहिक ‘आजादी की ओर’ है और धीरे धीरे अपने कार्यों से आगे का पड़ाव चढ़ता गया।
प्रश्न – आप विभिन्न असोसिएशन से जुड़े हुए हैं इस बारे में व्याख्या करेंगे?
उत्तर – वर्तमान में स्क्रीन राइटर ऑफ इंडिया असोसिएशन का अध्यक्ष पद पर हूँ साथ ही दादा साहब फाल्के फ़िल्म असोसिएशन का अध्यक्ष हूँ। इंडियन डायरेक्टर असोसिएशन जैसे कई असोसिएशन के साथ जुड़ा हूँ और साथ मिलकर कार्य भी कर रहा हूँ।
प्रश्न – विगत कुछ वर्षों से दादासाहब फाल्के फ़िल्म फाउंडेशन के आयोजन ना हो पाने का क्या कारण है?
उत्तर – दादा साहब फ़िल्म फाउंडेशन अवार्ड का आयोजन ना हो पाने का मुख्य कारण कोरोना प्रोटोकॉल है। विगत दो वर्ष से कोरोना महामारी के कारण सरकार के आदेशनुसार भीड़ इकट्ठी करने की मनाही थी। जबकि हमारे अवार्ड शो में बत्तीस से भी ज्यादा असोसिएशन का साथ होता है और एक असोसिएशन से बीस से पच्चीस लोग शामिल होते हैं। बिना असोसिएशन के सदस्यों के अवार्ड नहीं कर सकते साथ ही फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े सभी लोग रहते हैं ऐसे में भीड़ बढ़ जाती है। लगभग हजारों लोगों को इकट्ठा करने का सरकार द्वारा आदेश प्राप्त नहीं है जिस कारण यह कार्यक्रम करने में कठिनाई हुई। हमारे ही नहीं इस कोरोना प्रोटोकॉल के कारण कई असोसिएशन के कार्य में बाधा आयी है। वैसे इस बार हमारी असोसिएशन का प्रयास है कि सरकार से आदेश प्राप्त कर अवार्ड का आयोजन किया जाए।
प्रश्न – आप दादासाहब फाल्के फ़िल्म फाउंडेशन के लिए योग्य उम्मीदवार का चयन कैसे करते हैं?
उत्तर – इस अवॉर्ड में केवल हमारे असोसिएशन का ही कार्य नहीं होता बल्कि लगभग बत्तीस से ज्यादा असोसिएशन हमारे साथ जुड़े हुए हैं। वे ही हर क्षेत्र से चुनाव कर योग्य अवार्डी का नाम रिकमेंड करते हैं। साथ ही हमारे ज्यूरी मेम्बर भी होते हैं जो चयन प्रक्रिया में साथ निभाते हैं। यह चयन पूर्णतः निष्पक्ष और बहुमत के आधार पर होता है। इसमें योग्यता के आधार पर चुनाव कर निर्णय लिया जाता है। इसमें किसी पदाधिकारी का हस्तक्षेप नहीं रहता।
प्रश्न – यह अवॉर्ड किन क्षेत्र विशेष को दिया जाता है?
उत्तर – इस अवार्ड में सिल्वर स्क्रीन में दिखाई देने वाले लोगों से पहले जो फिल्मी पर्दे के पीछे काम कर रहे हैं उन लोगों का चयन कर अवार्ड से सम्मानित किया जाता है। साथ ही उन्हें ग्यारह हजार की राशि और अन्य सहायता भी प्रदान की जाती है। फ़िल्म निर्माण से जुड़े मेकअप मैन, डांसर, जूनियर आर्टिस्ट, टेक्नीशियन आदि इस अवार्ड में शामिल होते हैं।
प्रश्न – दादासाहब फाल्के फ़िल्म फाउंडेशन अवार्ड की शुरुआत कैसे हुई अभी वर्तमान में दादा साहब के नाम से कई अवार्ड हो रहे हैं। आप इस बारे में कुछ मार्गदर्शन देना चाहेंगे?
उत्तर – दादासाहब फाल्के फ़िल्म फाउंडेशन अवार्ड हम बहुत पहले से करते आ रहे हैं। पहले इसका नाम दादा साहब फाल्के एकेडेमिक अवार्ड था बाद में इसका नाम परिवर्तित किया गया है। यह अवार्ड हमने दादासाहब के जन्मदिन के अवसर पर उनकी स्मृति और सम्मान में शुरू किया है। दादासाहब के नाम के इस अवार्ड को शाहरुख खान अपने ऑफिस में सामने रखते हैं, जबकि उनके पास अवार्ड्स की कोई कमी नहीं है। हाँ, वर्तमान में इस नाम से कई अवार्ड शो चलाये जा रहे हैं लेकिन मुझे उनसे कोई गिला नहीं क्योंकि वे अपनी आजीविका या प्रसिद्धि हेतु यह कर रहे हैं। किंतु जो वास्तविक है वह वास्तविक रहेगा कोई उसका मुखौटा लगाकर पूर्ण जीत प्राप्त नहीं कर सकता। वास्तविकता वो भी जानते हैं और अंजाम भी, अतः अपना कार्य पूर्ण यत्न से करते रहो।
प्रश्न – आप स्टार मेकर्स के लिए भी कार्य कर रहे हैं इस विषय की ओर आपका ध्यान कैसे गया?
उत्तर – हमारा असोसिएशन स्टार मेकर्स द्वारा चयनित योग्य और अच्छे गायकों को गाइड करता है और उचित प्लेटफॉर्म मुहैया कराता है। हमारे देश में योग्यताओं की कमी नहीं है। अभिनय और गायन क्षेत्रों में तो प्रतिभाओं का कोई सानी ही नहीं है। लॉकडाउन के दौरान हमने सोचा कि देश की इन प्रतिभाओं को मौका दिया जाए। जो भी स्टारमेकर्स के गायक हम तक पहुंचते हैं, हम उनकी सहायता करते है। खंडवा की तरुणा शुक्ला जो आल इंडिया रेडियो में गाती थी, उसे उसी के होमटाउन में गायन के क्षेत्र में प्लेटफॉर्म मुहैया कराया गया। उससे ‘लोरी’ गीत गवाया गया और डिजिटल प्लेटफार्म तक पहुंचाया। हाल ही में वडोदरा की वसुंधरा पंड्या को भी मौका दिया गया है। ऐसे ही नवीन और योग्य गायकों को मौका देकर उन्हें एलबम, फ़िल्म, शार्ट फ़िल्म आदि में गायन का मौका दिया जाता है और उनका मार्गदर्शन कर नया रास्ता देने की कोशिश की जाती है।
प्रश्न – दादासाहब फाल्के फाउंडेशन में क्या क्षेत्रीय स्तर के कलाकारों या फिल्मों को स्थान दिया जाता है?
उत्तर – जी, हमने अपने असोसिएशन के तहत क्षेत्रीय ही नहीं पड़ोसी देशों को भी भाग लेने का अवसर दिया है। बांग्लादेश और नेपाल से योग्य लोगों का चुनाव किया है। अलग अलग प्रांतीय क्षेत्रों से भी दो- दो योग्य लोगों का चुनाव भी किया जाता है। जो अलग अलग विभाग से होते हैं जैसे टेक्नीशियन, आर्टिस्ट आदि। इन्हें पुरस्कार के साथ धनराशि भी दिया जाता है और जल्द ही इनके इन्शुरेंस और पेंशन प्लान देने के बारे में भी विचार किया जा रहा है।
प्रश्न – क्या आप राजनीति में भी प्रवेश करना चाह रहे हैं?
उत्तर – नहीं, राजनीति में मेरी कोई रुचि नहीं है, मैं सर्वधर्म सर्वभाव में विश्वास रखता हूँ। मेरा मुख्य उद्देश्य मानवता के लिए हितकर काम करना है। मैं सभी को मानवतावादी दृष्टि से देखता हूँ ना कि धर्म विशेष जानकर। मैं दहिसर में ओम्कारेश्वर साई मंदिर ट्रस्ट का चैयरमेन हूँ तो वहीं बोरीवली में मस्जिद कमिटी में भी शामिल हूँ।
प्रश्न – युवा लोग जो मायानगरी के चमक को देखकर आते हैं किंतु कहीं खो जाते हैं आप उनके लिए क्या कहना चाहेंगे?
उत्तर – अगर आप कुछ करना चाहते हैं तो अपना स्वास्थ्य पर ध्यान दो। स्वस्थ तन है तो स्वस्थ मन होगा। स्वस्थ मन आगे बढ़ने के लिए हौसला और संयम प्रदान करेगा। ऊंचाई पाने के लिए शॉर्टकट नहीं अपनाओ अपने काबिलियत पर भरोसा कर धैर्य के साथ आगे बढ़ोगे तो मंजिल जरूर मिलेगी।




Ashfaque Khopekar Littleknown Facts About Welknown Personality President Of Dadsaheb Phalke Film Foundation
Posted by admin on Mar 11th, 2022 | Comments Off on वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर के मुख्य पुजारी आशीष गोस्वामी जी ने होली महोत्सव के बैनर के लिए मुम्बई में किया शूट
रंगों के त्योहार होली की देशभर में तय्यारी होने लगी है। इस कोरोना काल के बाद 2022 में बहुत ही धूमधाम से होली पर्व मनाया जाएगा।
वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर के मुख्य सेवायत पुजारी श्री आशीष गोस्वामी जी ने होली महोत्सव के बैनर के लिए मुम्बई में शूट किया। ये बैनर श्री बांके बिहारी महाराज के सभी भक्तजनों के हार्दिक स्वागत के लिए वृंदावन में लगाया जाएगा। इस बैनर पे लिखा होगा “होली महोत्सव (वृंदावन), श्री बांके बिहारी महाराज के सभी भक्तजनों का मुख्य सेवायत पुजारी श्री आशीष गोस्वामी जी (श्री बांके बिहारी मंदिर) हार्दिक स्वागत करते हैं।”
आपको बता दें कि इस बैनर को शूट करने की जिम्मेदारी फोटोग्राफर सोमसुभरो सरकार ने बखूबी निभाई। फोटोग्राफी में असिस्टेंट भरत जाधब थे जबकि स्टाइलिस्ट टीना ठक्कर थीं और असिस्टेंट स्टाइलिस्ट सुरेखा बेलकर थीं।
Follow Pujariji On Social Media
https://www.instagram.com/ashishgoswamipujari/
https://twitter.com/ashishgoswamiv1
https://www.facebook.com/ashishgoswamivrindavan



Ashish Goswamiji Chief Pujari of Shri Banke Bihari Temple in Vrindavan shoots for the banner of Holi festival in Mumbai
Posted by admin on Mar 11th, 2022 | Comments Off on Hrishikesh Chury’s voice swayed the audience at his live concert
The concept of ‘Chhatrapati Shivaji Maharaj Park Art Festival’ was introduced by Shri. Aditya Thackeray, the Minister of Environment and Tourism. It was the first of its kind to be held with the aim of providing a comprehensive platform for students and artists.The event was attended by lakhs of visitors in 3 days.
The fest also featured Bollywood playback singer Hrishikesh Chury’s ‘Live in Concert’. He performed on the stage in front of the scenic views of Dadar Beach and Bandra Worli Sealink. His soulful voice mesmerized the audience.
Hrishikesh Chury said, ‘CSMP Art Festival’ was a comprehensive and artistic event organized in Mumbai with a large participation in various events. The response from the audience was overwhelming. I am happy to perform here”.
Other attractions of the festival were various workshops, Marathon, the display of antique & historical weapons, exhibition of artistic products, art installations, Live performances, talk shows and Food court.
Follow Hrishikesh Chury On Instagram
www.instagram.com/HrishikeshChury


Hrishikesh Chury’s Soulful voice spellbound the audience at the CSMP Art Festival