Posted by admin on Aug 17th, 2020 | Comments Off on Passion Vista Virtual Grandeur The 4th Global Virtual Business Leadership Forum-2020 And Passion Vista’s Glamour & Style Awards 2020
Passion Vista’ Virtual Grandeur The 4th Global Virtual Business Leadership Forum-2020 along with Passion Vista’s Glamour & Style Awards 2020, was held LIVE on Unified Brainz & Passion Vista official Facebook and You tube on the auspicious day of 15th August 2020.
Passion Vista an International Luxury, Lifestyle and Business magazine organized the first of its kind Virtual Passion Vista Glamour and Style Awards – after successful events for Bollywood in Mumbai and Hollywood in Los Angeles in 2019 and Glamour and Style Awards – Punjabi at the start of 2020 in New Delhi.The ultra-glam event was graced by famous personalities like Bharat Ratna Mr. Bharat Goradia (USA) International promoter of Indian Art and Culture,
Quresh Songerwala Global Artists Promoter from Mumbai the Bollywood hub of India as the Special Guest of Honours for the fun filled Fiesta.
Heart beating performance by Dr. Vinod Hasal, Founder of Interactive Drumming Company, Drum Cafe mesmerized the gathering.
We had some beautiful Sri Lankan traditional dance performance from Channa Upuli Performing Arts Foundation, Sri Lanka which added more colors to the event.
The New Rising Star, Girish Chawla with his melodious voice kept the mood going…
We had few Diplomats who shared their thoughts about Empowering Change Makers for Sustainable Leadership…….
We had Honorees from different walks of life from all across the Globe who got the recognition they well deserved.
Passion Vista Glamour and Style Awards 2020 wouldn’t have been possible without the special appearance of celebrity guests who were the major limelight. Divya Dutta, Akriti Sharma, Ishita Chauhan, Namarata Sharma, Devarshi Shah, Hiten Tejwani, Tridha Choudhury, Pearl, Mukesh Rishi, Anushka Sen, Karishma Tanna, Eesha Deol were the celebrity guests who joined us online.
Styling up the Business Quotient!
Passion Vista Glamour and Style Awards 2020 was conducted through LIVE sessions on Facebook, with the best wishes and blessings from Dr. GD Singh, Founder & President of Unified Brainz Group and Founder & Chairman of Asian African Chamber of Commerce & Industry.



Every year the event is a collaborative effort with Unified Brainz Conceptualising the event, Powered by Passion Vista Talks, and In Association with Asian-African Chamber of Commerce and Industry. This year, due to lockdown and Covid-19 pandemic ,the event was held online through live sessions.
———-PR by Fame Media
Posted by admin on Aug 16th, 2020 | Comments Off on Government Should Give Official Recognition To Indian Sign Language (ISL) – Vaibhav Kothari
भारतीय सांकेतिक भाषा (आईएसएल) को सरकार को आधिकारिक मान्यता देना चाहिए: वैभव कोठारी
15 अगस्त, 2020 कोलकाता: 135 करोड़ घनी आबादी वाला देश भारतवर्ष, जिसमें 1.3 मिलियन से अधिक दिव्यांग नागरिक शामिल हैं। इन नागरिकों की सुविधार्थ केंद्र सरकार को भारतीय संविधान के तहत भारतीय सांकेतिक भाषा (आईएसएल) को 23वीं आधिकारिक भाषा बनाना चाहिए।
कोलकाता के सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यकर्ता संदीप भूतोरिया द्वारा आयोजित ‘विनिंग चैलेंज’ नामक वेबिनार में प्रधान अतिथि के तौर पर उपस्थित मूक और बधिर उद्यमी, इंजीनियर और प्रेरक वक्ता वैभव कोठारी ने वेबिनार में अपने विचारों का आदान-प्रदान करते समय यह बातें कही। उन्होंने इस वेबिनार के जरिये दुनिया के विभिन्न हिस्सों से जुड़नेवालों से संवाद करने के लिए इस सांकेतिक भाषा का ही इस्तेमाल किया।
वेबिनार के दौरान संदीप भूतोरिया द्वारा वैभव से पूछे गये सवाल में कि आपको क्या लगता है, भारत की संविधान के तहत मौजूदा 22 अनुसूचित भाषाओं की सूची में भारतीय सांकेतिक भाषा को शामिल करने पर इस भाषा को कितना महत्व और बढ़ावा मिलेगा?
वैभव ने इसके जवाब में भारतीय सांकेतिक भाषा को 23वीं आधिकारिक भाषा बनाने की अपील पर फिर से जोर दिया, वैभव ने सरकार से आह्वान किया कि सरकार अपने यहां रहनेवाले लाखों बहरे और गूंगे नागरिकों की बात सुने और उन्हें उच्च शिक्षा हासिल करने और राष्ट्र निर्माण में प्रभावी योगदान देने के लिए भारतीय सांकेतिक भाषा को बढ़ावा देकर उन्हें सशक्त बनाए।
जिस तरह सरकार हमारी प्राचीन संस्कृत भाषा को बढ़ावा देती है और उसे संरक्षित करने पर हमेशा जोर देती है, जो भारतीय संविधान के तहत 22 अनुसूचित भाषाओं में से एक है, इसी तरह से भारत में नव-विकसित भाषा जो भारतीय सांकेतिक भाषा (आइएसएल) है, इसे भी अनुसूचित भाषाओं की सूची में शामिल करने की अत्यंत आवश्यकता है। वैभव ने कहा कि यह भाषा गूंगे और बहरे लोगों को उच्च शिक्षा हांसिल करने और उनके लिए छूट गये अवसरों को फिर से हांसिल करने एवं श्रवण हानि से पीड़ित लाखों भारतीयों को सशक्त करेगा।
वैभव ने सांकेतिक भाषा का संज्ञान लेने के लिए नई शिक्षा नीति पर जोर देते हुए कहा कि भारत के कई संगठन और उससे जुड़ा हर व्यक्ति 30 साल से अधिक समय से इस मांग के लिए लड़ रहे हैं। वैभव ने इस वेबिनार के दौरान संदीप भूतोरिया के उस सुझाव का पूरी तरह से समर्थन किया कि जिसमें संदीप भूतोरिया ने कहा था कि देश में बहरे व्यक्ति के लिए एक संसदीय सीट आरक्षित किया जाना चाहिये। जिसका प्रतिनिधित्व करते हुए चुना गया व्यक्ति इन श्रेणी के लोगों की समस्याओं को सरकार एवं दुनिया के सामने “बधिर पर्यावरण-प्रणाली” का प्रतिनिधित्व करते हुए रख सके। सांकेतिक भाषाएं अपने स्वयं के व्याकरण और शब्दकोश के साथ पूर्ण प्राकृतिक भाषाएं हैं। यद्यपि श्रवण की आबादी देश के सबसे बड़ी संख्या में से एक है, फिर भी भारतीय संविधान में यह औपचारिक रूप से मान्यता प्राप्त सांकेतिक भाषाओं में शामिल नहीं है।
2011 की भारतीय जनगणना के अनुसार देशभर में 1.3 मिलियन ऐसे लोग हैं, जो सुन नहीं सकते हैं, लेकिन दूसरी ओर भारत के नेशनल एसोसिएशन ऑफ डीफ का अनुमान है कि पूरे भारतीय आबादी में 18 मिलियन इस तरह के लोग हैं, या फिर हम यह भी कह सकते हैं कि भारतीय आबादी का 1 प्रतिशत के करीब लोग बहरेपन की समस्या से ग्रसित हैं। हाल ही में कोरोना वायरस के कारण देशभर में लॉकडाउन की स्थिति में यह पाया गया कि भारत में श्रवण बाधित समुदाय को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नई ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के तहत देखा गया कि बहरे बच्चे पढ़ाई करने में असमर्थ हैं, क्योंकि अधिकांश माता-पिता भारतीय सांकेतिक भाषा (आईएसएल) को नहीं जानते हैं। नई शिक्षा नीति के तहत भारतीयों को आईएसएल पर शिक्षित करना चाहिए और इसे एक आधिकारिक भाषा बनाना चाहिए।
समाजसेवी संदीप भूतोरिया ने कहा : कि इन दिनों हम एक अभूतपूर्व समय में रहकर इस कठिन घड़ी से गुजर रहे हैं, इस अनिश्चितता में हमारे भविष्य को प्रभावित करने की शक्ति निहित है, वैभव कोठारी इसका एक आदर्श उदाहरण हैं। भारत में रह रहे बहरे और गूंगे लोगों से संबंधित एक महत्वपूर्ण मुद्दे को उजागर करने के लिए मैंने वैभव के साथ व्यक्तिगत रूप से इस वेबिनार के जरिये अंतरंग बातचीत का फैसला किया है, जिन्होंने सामाजिक मुद्दों को सुधारने के साथ-साथ सरकार के साथ मिलकर राष्ट्रीय महत्व पर एक सफलतापूर्वक अभियान भी चलाया है।
नई दिल्ली में केंद्र सरकार ने 2015 में भारतीय साइन लैंग्वेज रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की थी। मार्च 2018 में पहला भारतीय साइन लैंग्वेज डिक्शनरी लॉन्च किया गया था। इसमें भारत की अब अपनी सांकेतिक भाषाओं की शब्दावली है। इसमें दुनिया में 130 से अधिक सांकेतिक भाषाएं हैं। इधर विभिन्न देश भी अपनी-अपनी प्रणाली के तहत सांकेतिक भाषाएं विकसित कर रहे हैं।
वैभव कोठारी का जीवन एक साधारण लड़के की असाधारण उपलब्धि की तरह सरल है। उन्होंने अमेरिकी सांकेतिक भाषा (एएसएल) सीखी और संयुक्त राज्य अमेरिका से एमबीए और इंजीनियरिंग की उपाधि प्राप्त की। वह अपने परिवार के व्यवसाय ओम मेटल्स इंफ्रा प्रोजेक्ट्स और ओम इंटरनेशनल एलएलसी के सफल उद्यमी हैं। वह एक टॉक शो ओमभाई की मेजबानी करते हैं और वह एक कुशल प्रेरक वक्ता भी हैं। जो लाखों लोगों को प्रेरित करते है कि वे अपने भौतिक विकलांग से निपटने का प्रयास करें। उन्होंने एक लघु फिल्म का भी निर्देशन किया है जिस फिल्म में बहरे लोगों की दुर्दशा पर प्रकाश डाला गया है।
भारत में गूंगे और बहरे लोगों की उच्च शिक्षा के लिए ज्यादा स्कोप नहीं है क्योंकि बहुत कम कॉलेज और संस्थान दुभाषियों या सांकेतिक भाषा में पढ़ा सकते हैं। इस प्रकार छात्रों को अन्य स्रोतों की ओर रुख करना पड़ता है जिसमें अधिकांश छात्र के अभिभावक उतना खर्च नहीं कर सकते हैं। विकलांगता अधिनियम 1995 वाले व्यक्तियों के अनुसार सरकारी और निजी एजेंसियों में एक प्रतिशत नौकरियां उनके लिए आरक्षित हैं। लेकिन उन नौकरियों में देशभर के किसी भी विश्वविद्यालयों से डिग्री एवं प्रमाणपत्र होने जैसी शर्तें भी शामिल हैं।

कोलकाता के सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यकर्ता, लेखक, स्तंभकार और ब्लॉगर संदीप भूतोरिया, जिन्होंने अपने माता-पिता को पासपोर्ट कार्यालय में ले जाने में असमर्थ सरकारी नीतियों को बदलने के लिए सफलतापूर्वक अभियान चलाया है। इसके साथ ही हाल ही में कोरोना संक्रमण के कारण ऑनलाइन कक्षाओं के कारण किंडरगार्टन के बच्चों के बचपन को बचाने के लिए भी वह अपनी आवाज बुलंद कर चुके हैं। कोविड- 19 वैश्विक महामारी के कारण भारी कठिनाई का सामना कर रहे भारत के लोक कलाकारों और शिल्पकारों को सहायता प्रदान करने के लिए देश के प्रधानमंत्री से उनकी अपील पर केंद्र सरकार द्वारा उन कारीगरों को सूचीबद्ध करने के लिए तेजी से कार्रवाई शुरू की गई जो पहले बाहर रह गए थे।
Posted by admin on Aug 15th, 2020 | Comments Off on Divine Magnitude Organization In Collaboration With Young Giants Group Of Mazgaon Distributed 100 PPE (Personal Protective Equipment) Kits On 15th August
मुंबई: जैसा कि Corona महामारी की स्थिति बहुत तेज गति से तेज हो गई है, डिवाइन मैग्नेटिट्यूड ऑर्गनाइजेशन ने मझगांव के यंग जायंट्स ग्रुप के साथ मिलकर 100 पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) वितरण करने के कार्यक्रम के साथ स्थिति से लड़ने की पहल की। पीपीई किट्स मुम्बई के भिवंडी इलाक़े में वितरित किए गए।
यह कार्यक्रम श्री रामदेव पांडे (मुख्य संरक्षक, डीएमओ) श्री अखिलेश पांडे जो एक प्रसिद्ध उद्योगपति और सामाजिक कार्यकर्ता, माननीय रईस शेख (विधायक, भिवंडी पूर्व), डॉ रमेश पाटिल (माननीय संरक्षक, DMO), श्री राजेश पांडे (माननीय संरक्षक, DMO), श्री आशुतोष पांडे (संस्थापक और अध्यक्ष, DMO), श्री श्रेयश कुमार (कार्यकारी अध्यक्ष, DMO), श्री विशाल भगत (ट्रस्टी, डीएमओ) के मार्गदर्शन में हुआ।
कार्यक्रम के समय हैदर जसदनवाला, चैतन्य झा, सकीना घड़ियाली, शब्बीर बूटवाला, तयखुम तंबावाला उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य कर्मचारी हर दिन खुद को और अपने रोगियों को कीटाणुओं और संक्रामक रोगों से बचाने के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों पर भरोसा करते हैं। लेकिन अब, जंगल की आग की तरह फैलने वाले कोरोनावायरस महामारी के साथ, पीपीई पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
अब, स्वास्थ्य कर्मचारी पीपीई का उपयोग करने में विफलता के वास्तविक जोखिम को देख रहे हैं, बजाय एक काल्पनिक सबसे खराब स्थिति के रूप में जोखिम पर चर्चा करने के। हेल्थकेयर कार्यकर्ता अब कोरोनोवायरस के लिए सबसे अधिक जोखिम वाले आबादी हैं क्योंकि वे इतने सारे संक्रमित रोगियों को देखते हैं, उनका स्वच्छ रहना महत्वपूर्ण है।



डिवाइन मैग्नेटिट्यूड ऑर्गनाइजेशन के सदस्य अपने नारे के लिए समर्पित हैं। यह संदेश देते हुए कि महामारी का सामना करने और जितने के लिए लोगों की रक्षा करनी है इसमें कोई विरोध नहीं होना चाहिए ताकि हमारे डॉक्टर पूरी परिश्रम से इस वायरस को हराने की कोशिश करें। वायरस से मुकाबला करें। वायरस के प्रसार को रोकने में आम लोग अपनी भूमिका निभा सकते हैं।
Posted by admin on Aug 12th, 2020 | Comments Off on On the Auspicious Day of Shri Krishna Janmashtami Renowned Singer – Flautist Celebrate Swaranjali On VAIKUNTH VENU Facebook Page
On the Auspicious Day of Shri Krishna Janmashtami Renowned Singer / Flautist celebrate Swaranjali on “VaikunthVenu” Facebook Page on 12th August, 2020 at 7:00 pm IST with a live Bhajan Sandhya with Varied Accomplished Artistes & Pride of our Indian Music Industry
Featuring artists- Pt.Purbayan Chatterjee, Gayatri Asokan, Chandana Bala Kalyan, Raj Pandit, Abhaas & Shreyas Joshi, Aalap Desai, Kalpana Gandharv, Himani Kapoor , Jazim Sharma, Vipul Mehta, Salman Ali, Pooja Gaitonde, Prithvi Gandharv, Ronkini Gupta, Pratibha Singh Baghel, Pt.Jayateerth Mevundi
Flute maestro and singer Paras Nath, an ardent worshipper of Lord Krishna will pay his homage to the deity and celebrate Krishna Janmashtami on“VAIKUNTHVENU” – a platform on Youtube, Instagram and Facebook to revive his grandfather Pandit Shiv Nath Prasad’s Shehnai and Bansuri legacy.
Paras Nath will perform in the company of popular singers and musicians , who will sing devotional songs and celebrate the day with great zeal and enthusiasm.
The celebration will be live on facebook page of VAIKUNTHVENU on 12th August, 2020 at 7:00 pm
Staying true to the essence of Janmashtami a unique blend and style of flute and melody will be presented by the performers, which will leave the audiences spellbound, thereby, creating an atmosphere of peace and tranquility through the medium of music.
Even in the times of a pandemic, Paras has found a way to keep devotees in high spirits through virtual festival celebrations “This virtual festival is our way of bringing joy to devotees even in such times. The benefit is that now people from all over the world can view the Radha Krishna deities and participate in the festivities from the comfort of their homes. Moreover, the devotional atmosphere created through this event will drench devotees in the bliss of Vrindavan” further adding “May Lord Krishna show you the way in your life as he showed the way to Arjuna in the battle of Mahabharata. Have a blessed Krishna Janmashtami”


Apart from Krishan Janmashtami celebration, the program will also stress on the importance of developing and nurturing India’s rich cultural heritage passed by the ancestors.
“Music binds people together, irrespective of their caste and creed, thereby, building a strong cultural relation with each other and this event on Vaikunthvenu will help revive the oldest musical instrument which is slowly losing its sheen in the present world” says Paras Nath.
मुंबई। कजरी महोत्सव के तहत वर्चुअल कजरी की शुरुआत हो चुकी है। उत्तर भारत में बेहद लोकप्रिय लोकगीत कजरी को ऑनलाइन भी लाखों की संख्या में लोग देख सुन रहे हैं। कोरोना संक्रमण के चलते इस साल कजरी महोत्सव का आयोजन ऑनलाइन किया जा रहा है। मुंबई बीजेपी के महामंत्री अमरजीत मिश्र की संस्था अभियान पिछ्ले ड़ेढ़ दशक से कजरी महोत्सव का आयोजन कर रही है।इस साल वर्चुअल कजरी महोत्सव का सोशल मीडिया पर सीधा प्रसारण हो रहा है। गायिका संध्या मिश्रा ने जब प्रसिद्ध कजरी ‘मिर्जापुर कईले गुलजार हो, कचौड़ी गली सून कइला बलमू’ की तान छेड़ी तो
कालीन विधान सभा की ओर से 5 अगस्त को होने वाले कजरी महोत्सव 2020,के आयोजक संभु सिंह समेत तमाम कार्यकर्ता और व पदाधिकारी दर्शक झुमने पर मजबूर हो गये |


पं.शोभनाथ मिश्र ने लोकगीतों के अनेकों रंग बिखेरे।अभियान द्वारा फ़ेसबुक,यू टयूब व केबल नेटवर्क से सीधे प्रसारित हो रहे इस वर्चुअल कजरी महोत्सव का बड़ी संख्या में लोग आनन्द ले रहे हैं।